अशोक पाटकर महोबा l बुंदेलखण्ड में ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने और सजाने के लिए सरकार ने करोड़ों का अच्छा खासा बजट देकर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया हैं। सरकार से जनता की की मांग थी कि बुंदेलखंड के महोबा में ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षक किया जाए l जिससे यहां की ऐतिहासिक धरोहर को और सुंदर बनाया जा सके और पर्यटकों को आकर्षित कर सके।ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने मस्तानी महल के सौंदर्यीकरण के लिए 5.67 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था, लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार की बू से परियोजना सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय बुद्धिजीवियों द्वारा शिकायत के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी गजल भारद्वाज स्वयं मौके पर पहुंचीं और निर्माणाधीन मस्तानी महल परियोजना का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाथवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया और चार दिन पूर्व हुई बारिश में इंटरलॉकिंग उखड़ चुकी थी। डीएम ने जब परियोजना की ड्राइंग मांगी तो कार्यदाई संस्था यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह राठौर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने बताया कि ड्राइंग साथ नहीं लाए हैं। इस लापरवाही पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल के सभी प्रोजेक्ट्स में नोडल अधिकारी नियुक्त करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही मानकों से विपरीत पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही के आदेश भी दिए।
मस्तानी महल परियोजना में अनियमितताओं के बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज की नवनिर्मित लैब का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लैब की छत पर वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई, जिस पर डीएम ने यूपीपीसीएल के अफसरों को जमकर लताड़ लगाई। डीएम ने रूफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना लागू न किए जाने पर भी नाराजगी जताई। जब उन्होंने अफसरों से योजना न लागू करने का कारण पूछा, तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी बलराम को सख्त निर्देश दिए कि यूपीपीसीएल की सभी परियोजनाओं में नोडल अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाए और निर्माण कार्यों की बारीकी से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य में मानकों की अनदेखी हो रही हो तो तुरंत प्रभाव से कार्यवाही की जाए।
इस निरीक्षण के दौरान यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह राठौर, अतिरिक्त परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी चित्रगुप्त श्रीवास्तव, डीएम के आशुलिपिक राजीव शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख संदीप राजपूत, ग्राम प्रधान जैतपुर छोटेलाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

