
परिंदा पोस्ट महाराजपुर। कहते हैं यदि किसी लक्ष्य को ठान लिया जाए और एकाग्रता से उसे पूरा करने के लिए संकल्प ले लिया जाए तो लक्ष्य संकल्प से छोटा नजर आता है, कुछ ऐसा ही कर दिखाया है लवकुशनगर निवासी मयंका चौरसिया ने। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में भले ही नौ वर्षों का लंबा समय लगा हो, लेकिन मयंका बताती हैं कि इस पूरे सफर में उनका परिवार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा। मयंका के पिता सेवानिवृत्त प्राचार्य राजेंद्र चौरसिया ने हर असफलता के बाद भी उनका मनोबल टूटने नहीं दिया। वे बताती हैं कि पिता का प्रोत्साहन ही उन्हें हर बार दोबारा प्रयास करने की शक्ति देता रहा, जिसका परिणाम रहा कि आखिरकार एमपीपीएससी परीक्षा में वे डीएसपी पद पर चयनित हुईं।
पिता राजेंद्र चौरसिया बताते हैं कि जिस दिन परिणाम आया उस समय वे रामायण पाठ करके उठे ही थे कि बेटी का फोन आया और वह रोने लगी। पहले उन्हें लगा कि शायद इस बार भी बेटी असफल हो गई, लेकिन जब उन्होंने समझाया तो मयंका ने बताया कि इस बार उसका चयन डीएसपी के पद पर हुआ है। पिता बताते हैं कि वह पल उनके लिए अवर्णनीय खुशी का क्षण था जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
राजेंद्र चौरसिया ने कहा कि उन्होंने अपने सभी बच्चों को समुचित शिक्षा दी है और कभी किसी फैसले को उन पर थोपने की कोशिश नहीं की। उनका मानना है कि माता-पिता को बच्चों की रुचि और लगन के अनुसार उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, जिससे बच्चे न केवल परिवार बल्कि समाज और देश का भी नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है, आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों की तरह परिवार और समाज का गौरव बढ़ा रही हैं।
महाराजपुर चौरसिया समाज ने डीएसपी के पद पर चयनित मयंका चौरसिया का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें शाल और श्रीफल भेंट किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम चौरसिया धर्मशाला बस स्टैंड महाराजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें समाज के सभी स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !