
नीरज कुमार मौदहा/हमीरपुर। मौदहा कोतवाली पुलिस ने चार दिन पूर्व सड़क किनारे नग्न अवस्था में मिली महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए जनपद महोबा में तैनात एक उपनिरीक्षक को घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल और स्विफ्ट डिज़ायर कार सहित गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उपनिरीक्षक ने मृतका से विवाद के बाद लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया था। पुलिस अधीक्षक दीक्षा शर्मा के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार को आरोपी उपनिरीक्षक अंकित कुमार यादव पुत्र रामकुमार यादव निवासी महमद मऊ थाना लालगंज, जनपद रायबरेली को कोतवाली नगर क्षेत्र के राठ तिराहा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में महोबा जिले के क्षेत्राधिकारी सदर कार्यालय में तैनात था। बताते चलें कि 13 नवम्बर को मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रमना किशनपुर के पास बसवारी रोड किनारे खंदक में एक अज्ञात महिला का नग्न शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। शिनाख्त और सोशल मीडिया प्रचार के बाद मृतका की पहचान किरन पुत्री राजबहादुर, निवासी ग्राम मकरबई थाना कबरई जनपद महोबा के रूप में हुई। मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि किरन ने पति व ससुराल पक्ष के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना आरोपी उपनिरीक्षक कर रहा था। पुलिस टीम ने बसवारी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक संदिग्ध स्विफ्ट डिज़ायर कार की पहचान हुई। वाहन स्वामी देवेन्द्र कुमार से पूछताछ पर पता चला कि 12 नवम्बर की शाम आरोपी दरोगा अंकित यादव कार लेकर किसी निमंत्रण में जाने की बात कहकर निकला था।

जब पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने किरन की हत्या करना कबूल कर लिया। आरोपी दरोगा ने बताया कि महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी और तरह–तरह की फरमाइशें करते हुए हमेशा कहीं न कहीं घुमाने का दबाव बनाती थी, जिससे विवाद बढ़ता गया और गुस्से में उसने बसवारी रोड किनारे गाड़ी रोककर उसने लोहे की रॉड से किरन के सिर पर हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को सड़क किनारे खंदक में फेंककर वह गाड़ी लेकर भाग गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त स्विफ्ट डिज़ायर कार, लोहे की रॉड और वारदात के समय पहनी टी-शर्ट बरामद की है। पूछताछ में आरोपी दरोगा ने यह भी बताया कि महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी और तरह–तरह की फरमाइशें करते हुए हमेशा कहीं न कहीं घुमाने का दबाव बनाती थी, जिससे विवाद बढ़ता गया और गुस्से में उसने हत्या कर दी। विवेचना के आधार पर मुकदमे में अब धारा 238 बीएनएस तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) की बढ़ोत्तरी की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया हैं। इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएँ हो रही हैं और लोग कह रहे हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो आमजन न्याय के लिए किसके पास जाए।
इस कर्रवाई में पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार सिंह, एसआई अनिल कुमार सिंह, विनेश गौतम, अभिषेक त्रिपाठी, तथा कांस्टेबल रंजीत कुमार, विजय प्रताप और विनीत कुमार की भूमिका रही ।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !