गांव के सामान्य परिवार का बेटा बना युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत, माता-पिता के संघर्ष और विश्वास की हुई जीत
विनोद कुमार जैन बकस्वाहा। नैनागिरी जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ की समवशरण स्थली नैनागिरी इन दिनों गौरव और उत्साह से गूंज रही है। कारण है गांव के एक किराना व्यापारी का बेटा रूपक जैन, जिसने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 में वाणिज्य विषय से चयनित होकर गांव, समाज और जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
सीमित संसाधन, असीम संघर्ष
रूपक जैन एक ऐसे परिवार से हैं, जहाँ सपनों की उड़ान छत पर लगे पंखे की हवा से होती थी। पिता श्री ऋषभ जैन गांव में किराने की दुकान चलाते हैं और माता श्रीमती चमेली जैन एक गृहिणी हैं। तीन संतानों वाले इस साधारण परिवार ने आर्थिक सीमाओं के बावजूद बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
शिक्षा यात्रा: संघर्ष से सफलता तक
रूपक ने प्राथमिक शिक्षा एसएस के जैन विद्यालय, नैनागिरी से ली और 12वीं में जिला टॉप किया। इसके बाद उन्होंने विद्यासागर प्रबंधन संस्थान, भोपाल से स्नातक और फिर डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर से वाणिज्य में परास्नातक करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। वे तीन बार यूजीसी नीट परीक्षा (2020, 2024, 2025) भी पास कर चुके हैं — यह उनकी लगातार तैयारी और आत्मविश्वास का प्रमाण है।
सफलता के पीछे मां-बाप का त्याग और विश्वास
रूपक कहते हैं, मेरे माता-पिता ने अपने सपनों से ज़्यादा हमारे सपनों में निवेश किया। आज जो कुछ भी हूँ, उन्हीं की मेहनत, प्रेरणा और भगवान पार्श्वनाथ के आशीर्वाद से हूँ।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !
