पीड़ित ने प्रशासन पर जातीय भेदभाव और निष्क्रियता का लगाया आरोप, अधिकारियों ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा
परिंदा पोस्ट छतरपुर। मंगलवार को छतरपुर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति जमीन विवाद और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त होकर हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंच गया। फरियादी ने अपने पैतृक मकान पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उसने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वह अपने बच्चों सहित आत्मदाह करने को विवश होगा। प्राप्त जानकारी अनुसार जनसुनवाई में हंगामा करने वाला युवक सटई तहसील क्षेत्र के ग्राम लखनगुवां निवासी धीरज अहिरवार है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अखिल राठौर तथा तहसीलदार मौके पर पहुंचे, जिन्होंने धीरज से पेट्रोल की बोतल लेकर उसे शांत किया और उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना। धीरज का आरोप है कि उसके पैतृक भवन एवं भूमि पर ग्राम के मैयादीन दुबे एवं आकाश दुबे द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। फरियादी के अनुसार यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें 4 अप्रैल को न्यायालय ने उसके पक्ष में निर्णय दिया। इसके बावजूद वह अब तक अपने भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कर पाया है। उसने बताया कि वर्तमान में उसका मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जहां एकमात्र कमरा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। सर्दी के मौसम में परिवार को खुले में रहना पड़ा और अब वर्षा में छत गिरने की आशंका है। धीरज के अनुसार कथित कब्जाधारी स्थानीय विधायक के रिश्तेदार हैं, जिसके कारण प्रशासन कार्रवाई से परहेज कर रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके परिवार को जातिगत आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। बीते आठ माह से निरंतर शिकायतें करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इस संदर्भ में एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि धीरज की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बिजावर के एसडीएम से भी वार्ता की गई है तथा शीघ्र उचित कदम उठाए जाएंगे।
Author: Parinda Post
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