अशोक नामदेव बमीठा। बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत टोरियाटेक के पास केन नदी से जुड़ने वाले नाले में मछली पकड़ने गया युवक भियाताल निवासी मिजाजी रैकवार का शव दूसरे दिन केन नदी में तैरते हुए मिला, वो भी आधे शरीर के रूप में। प्राप्त जानकारी के अनुसार भियाताल गांव निवासी मिजाजी लाल रैकवार हर रोज़ की तरह शनिवार की सुबह मछली पकड़ने के लिए जाल लेकर टोरियाटेक के पास स्थित नाले में गया था। वहां उसके कपड़े और जाल किनारे पर रखे मिले, लेकिन खुद मिजाजी का कोई सुराग नहीं मिला। घटना की सूचना परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को दी। इसके बाद बमीठा थाना पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी और नाले के आसपास देर रात तक खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले इसी नाले के पास एक विशाल मगरमच्छ देखा गया था। बताया जा रहा हैं कि यह घटना भी उस वक़्त हुई, जब बाढ़ के कारण नदी और आसपास के तालाबों में मगरमच्छों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। रविवार की सुबह ग्रामीणों को केन नदी में एक शव का आधा हिस्सा तैरता मिला। पास जाकर देखने पर यह मिजाजी रैकवार का शव निकला, जिसका कमर के नीचे का हिस्सा नहीं था। शव की हालत देख स्थानीय लोगों और पुलिस को पूरा यकीन हो गया कि यह घटना मगरमच्छ के हमले का परिणाम हो सकती है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इसके बाद बमीठा पुलिस ने इस घटना को लेकर वन विभाग को भी सूचना दी। लवकुशनगर रेन्ज ऑफिसर नीलेश प्रजापति मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में राहत राशि प्रदान की। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पीड़ित परिजन को मुआवजा के तहत तीन दिवस के भीतर आर्थिक सहायता की राशि उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।वहीं, स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग इस गंभीर स्थिति पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। विभाग की लापरवाही के कारण ही यह दुखद घटना हुई है।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !
