अधिकारीयों के साथ-साथ मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं और गौमाता को सौपेंगे ज्ञापन,कांग्रेस नेता अनिल तिवारी
राजेश रावत पन्ना (शाहनगर)। पवई विधानसभा क्षेत्र के तेजतर्रार कांग्रेसी नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल तिवारी ने पवई विधानसभा क्षेत्र की दलदल में तब्दील सड़क, बेहाल स्वास्थ्य सेवा और बदहाल शिक्षा व्यवस्था की ओर एक अनोखे ढंग से क्षेत्र की सड़कों पर दलदल में दंडवत यात्रा करते हुए शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण करने का प्रयास किया हैं, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह अनूठी यात्रा 21 जुलाई से जनपद शाहनगर अंतर्गत आने वाले ग्राम मलघन से शुरू हुई हैं, जो 7 दिनों तक चलेगी और क्षेत्र के सबसे पिछड़े और सड़कविहीन गांवों तक पहुंचेगी। यात्रा की शुरुआत के दौरान बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुके कच्चे रास्तों पर अनिल तिवारी ने दंडवत करते हुए कदम आगे बढ़ाए। उनके साथ पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवजीत सिंह भैया राजा, अन्य कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद रहे, जो “रघुपति राघव राजा राम” की भजन धुन पर कदमताल करते हुए शामिल हुए। श्री तिवारी ने बताया कि आजादी के 78 साल बीतने के बाद भी पवई क्षेत्र के अधिकांश गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी,मूलभूत सेवाओं के अभाव से ग्रामीणों की रोजमर्रा की पीड़ा बन चुका है। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में यहां के हालात और बदतर हो जाते हैं, यदि सड़क विहीन ग्राम के किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ी है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल जाने की आवश्यकता होती है या कोई अपराधिक घटना घटित होती है तो यहां 108 एंबुलेंस,जननी एक्सप्रेस या पुलिस के डायल हंड्रेड जैसे इमरजेंसी वाहन पहुंचना भी किसी मुश्किल से कम नहीं होता है। जिसके चलते बीमारों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को चारपाई पर उठाकर अस्पताल तक ले जाना आज भी ग्रामीणों की मजबूरी बनी हुई है। यहां की ऐसी समस्याएं प्रिंट इलेक्ट्रानिक डिजिटल एवं सोशल मीडिया में आए दिन देखने को मिलती हैं। तिवारी ने यह भी बताया कि शासन प्रशासन को अनगिनत आवेदन और ज्ञापन सौंप चुके हैं। अनगिनत प्रयासों के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से यही एक आखरी उपाय बचा था, उन्होंने आगे बताया कि जब लोकतंत्र के तमाम प्रयास निष्फल हो जाएं, तो जन-जागरण और जन-प्रतिरोध ही आखिरी उपाय बचता है। शायद मेरे इस आखिरी प्रयास से शासन प्रशासन को अब यहां की समस्या नजर आ जाएं इसी भावना के साथ यह दंडवत यात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह दंडवत यात्रा 7 दिनों तक चलेगी और जहां तक सड़क निर्माण की आवश्यकता है वहां तक पहुंचकर इस यात्रा का समापन किया जाएगा। यह यात्रा उन तमाम ग्रामीणों की आवाज है जो वर्षों से गड्ढों में समाई सड़कों और लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच जीने को मजबूर हैं। यात्रा के इस दौरान महामहिम राष्टपति के नाम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ मंदिर मंदिर जाकर देवी देवताओं और गौमाता को भी ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

