अभिषेक नामदेव खजुराहो। विश्वप्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 10 जून की दोपहर लगभग 3 बजे उस समय हड़कंप मच गया जब इंडियन फ्लाइंग अकादमी के एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेनिंग फ्लाइट पर था एक छोटा विमान, जिसमें कैप्टन और ट्रेनी पायलट सवार थे। लैंडिंग के समय विमान के पहिए नहीं खुले, जिसकी जानकारी पायलट ने तुरंत एयरपोर्ट प्रबंधन को दी। तकनीकी समस्या बरकरार रहने के कारण दूसरी बार प्रयास के बाद भी पहिए नहीं खुले।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरक्राफ्ट को तब तक आसमान में उड़ाया गया जब तक कि उसमें मौजूद फ्यूल समाप्त नहीं हो गया। इस दौरान एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। लैंडिंग स्थल पर फायर ब्रिगेड, फोम, केमिकल और पानी की बौछारों की मदद से रनवे को तैयार किया गया। अंततः विमान की सफल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस कार्रवाई के दौरान कैप्टन और ट्रेनी पायलट पूरी तरह सुरक्षित बचा लिए गए, लेकिन एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुँचा है, जो अब जांच का विषय बना हुआ है।
घटना के बाद जब मीडिया द्वारा एयरपोर्ट डायरेक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने न सिर्फ कॉल रिसीव करने से बचा बल्कि बाद में मोबाइल बंद कर लिया। एयरपोर्ट का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में टिप्पणी करने से कतराता नजर आया।गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी खजुराहो एयरपोर्ट पर इसी तरह की एक घटना सामने आई थी जब एक विमान रनवे पर फिसल गया था और उसे धक्का देकर हटाया गया था, जिसे बाद में छुपाने का प्रयास किया गया था। स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि ट्रेनी एयरक्राफ्ट कई बार बहुत नीचे से उड़ते हैं, जिससे खतरे की स्थिति बनी रहती है। यहां तक कि ये विमान नो फ्लाइंग जोन माने जाने वाले पश्चिमी मंदिर समूह के ऊपर से भी उड़ते रहते हैं।खजुराहो में इंडियन फ्लाइंग अकादमी और फ्लाइंग ओला जैसी संस्थाएं ट्रेनी पायलटों को प्रशिक्षण दे रही हैं, जहां देशभर से आए युवक-युवतियां प्रशिक्षण ले रहे हैं। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य तथ्य यह भी है कि पूर्व में खजुराहो की घनी आबादी वाले क्षेत्र में एयरक्राफ्ट के फ्यूल को असुरक्षित ढंग से रखा गया था, जिससे बड़ा खतरा बना हुआ था।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

