जनजातीय गौरव वर्ष के तहत 15 दिवसीय धरती आबा जागरूकता कार्यक्रम संपन्न, विधायक ने किया जनसंवाद: विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर जताई नाराजगी 

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आशीष चौरसिया बकस्वाहा। जनजातीय गौरव वर्ष के तहत धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम मंगलवार को बकस्वाहा जनपद के आजीविका भवन में संपन्न किया गया। यह मंच जहां योजनाओं के लाभ वितरण का माध्यम बना, वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा जमीनी समस्याओं पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर पार्थ जैसवाल,जिला सीईओ तपस्या परिहार,विधायक रामसिया भारती मौजूद रही। इसके आलावा जनपद अध्यक्ष रजनी यादव, नगर परिषद अध्यक्ष किरण सोनी, जनपद सदस्य करन सिंह लोधी सहित क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारीयों के साथ बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए जागरूकता अभियान चलाया गया।

प्रमाण पत्र वितरण के साथ संजीवनी क्लिनिक की हुई शुरुआत

कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, राशन कार्ड, बीज मिनीकिट सहित विभिन्न योजनाओं के प्रमाण पत्र हितग्राहियों को वितरित किए गए। इसके साथ ही संजीवनी क्लिनिक ऑन व्हील्स की शुरुआत भी की गई, जो अब बकस्वाहा क्षेत्र के 20 गांवों में ओपीडी सेवा देने का काम करेंगी।

इसी दौरान विधायक रामसिया भारती ने जनता से सीधा संवाद किया और सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की समीक्षा की। विधायक ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और पूछा कि क्या ग्राम पंचायत से लेकर तहसील स्तर की सेवाएं संतोषजनक हैं और अस्पताल की व्यवस्थाएं समय पर और संवेदनशील हैं। जिससे जनता ने खुलकर अपनी बात रखी और जवाब में अधिकतर ग्रामीणों ने अपनी कठिनाइयों को साझा किया,जनता ने जमीनी स्तर पर सरकार की अनेक योजनाओं के लाभ न मिलने से अपनी नारजगी व्यक्त की योजनाओं से वंचित होना या पात्रहितग्राहियो को किसी प्रकार का लाभ न मिलने का कारण ग्राम पंचायत से लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया, जिस पर विधायक के चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं सराहनीय हैं, लेकिन उनका वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा जब ज़मीनी स्तर पर आमजन को उसका असर महसूस हो।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। योजनाएं कागज़ों में नहीं, जीवन में उतरें यही हमारी प्रशासन से अपेक्षा है। विधायक ने पूर्व निरीक्षण के दौरान सामने आई एक स्थिति को भी मंच से साझा किया, जिसमें एक महिला का शव पोस्टमार्टम के अभाव में 18 घंटे अस्पताल में पड़ा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं शासन की मंशा पर सवाल ही नहीं उठातीं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि स्थानीय स्तर पर समर्पण की ज़रूरत अब भी बाकी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन से संवाद की प्रक्रिया निरंतर जारी है और उम्मीद है कि इन बिंदुओं पर सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

कलेक्टर ने सुनीं समस्याएं, दिए तत्काल निराकरण के निर्देश

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कार्यक्रम के पश्चात अनेक फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि हम योजनाओं की सफलता को केवल आयोजन से नहीं, उनकी पहुंच और प्रभाव से मापना चाहते हैं।धरती आबा अभियान के अंतर्गत जिले के 66 चयनित जनजातीय ग्रामों में योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है। बक्सवाहा ब्लॉक के कई ग्रामों से आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी मांगें सामने आईं, जैसे सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र आदि। जनप्रतिनिधियों ने इन विषयों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

संज़ीवनी क्लिनिक: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल

सिनर्जी संस्थान एवं एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से शुरू हुआ संज़ीवनी क्लिनिक ऑन व्हील्स अब बक्सवाहा के 20 गांवों में जाकर प्रतिदिन ओपीडी सेवाएं देगा। इस पहल के ज़रिए स्वास्थ्य जांच, बीमारियों की जानकारी, पोषण और टीकाकरण जागरूकता जैसे कदम लिए जाएंगे।

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Author: Parinda Post

सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

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