बकस्वाहा में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अनुविभागीय कार्यालय की मांग एक वार फिर हुई तेज

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अनिल जैन बड़कुल बकस्वाहा। जिले की अंतिम सीमा पर बसे बकस्वाहा क्षेत्र में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर अब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और नगर के नागरिक मुख्यमंत्री से पुनः अपेक्षा कर रहे हैं और इसके शीघ्र निराकरण को लेकर आशान्वित हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजस्व मामलों के निराकरण के लिए उन्हें 100 किलोमीटर दूर बिजावर स्थित एसडीएम न्यायालय जाना पड़ता है, वहीं पुलिस संबंधी मामलों में बड़ामलहरा का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे ग्रामीण और नगरीय नागरिक दोनों ही बेहद परेशान हैं। इस संबंध में मांग उठाने वालों में जिला पंचायत सदस्य करन सिंह लोधी, जनपद अध्यक्ष रजनी मोती यादव, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नरेंद्र सिंह, जनपद सदस्य मिली फट्टा, पूर्व जनपद अध्यक्ष अभय फट्टा, सरपंच संघ अध्यक्ष गोपाल यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप खरे लल्ला, जिला उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग गोवर्धन यादव, व्यापारी संघ के प्रियंक चौधरी, पत्रकार संघ तहसील/ब्लॉक इकाई बकस्वाहा अध्यक्ष रत्नेश रागी, युवा पत्रकार अनिल बड़कुल, खैर माताजी संघ के प्रमोद दुबे, कृषक संगठन से बिबेक जैन, संजीव दुबेदी, टीकाराम बिल्थरे, सरपंच नंदराम यादव, महेंद्र लोधी, मलखान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हैं।

इन सभी ने संयुक्त रूप से कहा कि बकस्वाहा क्षेत्र जिले का दूरस्थ एवं अंतिम सीमा पर स्थित इलाका है, जो अपराधिक गतिविधियों और दस्यु प्रभावित, सिंचाई के साधनों से वंचित और उद्योग-रोजगार विहीन रहा है। यही कारण है कि यहां का विकास पिछड़ता जा रहा है और हजारों ग्रामीण रोजी-रोटी के लिए अन्य प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं। इस पलायन से ग्रामीणों को समय व आर्थिक क्षति के साथ अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इस विषय पर पहले भी अनेक बार जन आंदोलन और प्रदर्शन हुए, ज्ञापन सौंपे गए और यह मांग समाचार पत्रों की सुर्खियों में रही। लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। इसलिए मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि इस बार बकस्वाहा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

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Author: Parinda Post

सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

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