राजेश रावत पन्ना। अमानगंज पुलिस थाना के सामने 19 जुलाई की देर रात दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया, सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची जिससे मामला आगे नहीं बढ़ सका और एक बड़ी घटना होने से बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो मामला गंभीर रूप ले सकता था। दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। फरियादी मंगू उर्फ वरुण पाठक पिता स्व. लक्ष्मण पाठक उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम गौरा ने शिकायत में बताया कि मुकेश पाठक निवासी गौरा सरपंची चुनाव को लेकर मुझसे रंजिश रखता है। सत्यम पैलेस अमानगंज के पास देखा कि मुकेश पाठक मेरे जेसीबी ड्राइवर राज चौधरी से बात कर रहा था। ड्राइवर ने बताया कि महाराज कह रहे हैं कि मंगू पाठक की जेसीबी गौरा गांव में नहीं दिखनी चाहिए। जब मैंने मुकेश से बात की, तो वह गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद मैंने फोन पर चंदन पाठक, शैलू रेले, प्रमोद पाठक, अभिषेक द्विवेदी को बुलाया। हम रिपोर्ट करने थाने जा रहे थे कि साई मंडपम के पास प्रदीप अवस्थी (निवासी अमानगंज), ऋषभ पाठक, अमित पाठक, सचिन पाठक, भूरा उर्फ केशव पाठक, ज्ञान प्रकाश पाठक, जुगल पाठक, प्रकाश पाठक, ओंकार पाठक (निवासी गौरा), अशोक मिश्रा, पुरुषोत्तम तिवारी, दीपक तिवारी, राहुल तिवारी (निवासी गुनौर) ने लात-घूंसों व डंडों से हमला कर दिया। मेरी नाक से खून निकलने लगा। इसी प्रकार मुकेश कुमार पाठक पिता जुगल किशोर पाठक उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम गौरा ने शिकायत में बताया कि वह प्रदीप अवस्थी और भूपेंद्र सिंह के साथ भाटे के हनुमान मंदिर गया था। लौटते समय वाहन का टायर पंचर हो गया। तभी मंगू पाठक और प्रमोद पाठक आए और पुरानी सरपंची रंजिश पर गाली-गलौज करने लगे। मना करने पर दोनों ने बेसबॉल डंडे से हमला कर दिया।मुकेश थाने शिकायत दर्ज करा रहे थे, तभी उनके पक्ष के लोगों को जानकारी लगी कि मंगू और प्रमोद थाने के सामने खड़े हैं, जिसके बाद मंगू पर हमला कर दिया गया। बताया गया है कि मुकेश पाठक के खिलाफ पन्ना जिले के विभिन्न थानों में 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, वहीं वरुण उर्फ मंगू पाठक के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस संघर्ष में घायल मुकेश जिला अस्पताल पन्ना और मंगू कटनी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां दोनों का इलाज जारी है।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !
