महोबा पुलिस ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल, गलत परीक्षा केंद्र पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने 25 किमी दूर समय पर सही केंद्र पहुंचाया

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अशोक पाटकर महोबा। रविवार को आयोजित यूपीपीसीएस परीक्षा के दौरान महोबा पुलिस ने संवेदनशीलता और सतर्कता की अनूठी मिसाल पेश की। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले लगभग 10 परीक्षार्थी गलती से गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल से ये सभी अभ्यर्थी समय पर परीक्षा दे सके। दरअसल, जिले में कुल 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से महोबा और चरखारी के दो परीक्षा केंद्रों का नाम एक समान पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज होने के कारण अभ्यर्थी भ्रमित हो गए। बताया गया कि ये परीक्षार्थी पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चरखारी की जगह गलती से पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महोबा पहुंच गए थे।

जैसे ही परीक्षा शुरू होने से पूर्व इस भ्रम की जानकारी पुलिस को मिली, डायल 112 की पीआरवी 5822 और यातायात पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने सभी भटके हुए परीक्षार्थियों को अपनी गाड़ी में बैठाया और करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित सही परीक्षा केंद्र चरखारी तक सुरक्षित पहुंचाया।

इस त्वरित कार्रवाई के चलते सभी परीक्षार्थी समय पर परीक्षा में शामिल हो सके। भटके हुए अभ्यर्थियों में हमीरपुर जिले के ग्राम जरिया निवासी डॉली, जालौन निवासी चंचल तिवारी और भोपाल से आए इंद्रपाल खटीक सहित कुल 10 अभ्यर्थी शामिल थे।चरखारी पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि यूपीपीसीएस जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चरखारी के तीनों परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान समान नाम वाले परीक्षा केंद्रों के कारण भटके परीक्षार्थियों को पीआरवी और यातायात पुलिस की मदद से सही स्थान पर पहुंचाया गया।

इस घटनाक्रम पर सीओ चरखारी ने कहा कि पुलिस की मदद से किसी का भविष्य बचना अपने आप में एक मानवीय पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि जरूरतमंद की सहायता करना भी है।अभ्यर्थियों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अगर समय पर मदद न मिलती तो वे परीक्षा से वंचित रह जाते। उन्होंने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मानवीय पहल ने उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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Author: Parinda Post

सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

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