मादा बंदर की मौत के बाद बच्चे ने नहीं छोड़ा मां का साथ, मां-बेटे के इस अटूट प्रेम का मार्मिक दृश्य देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें हुई नम

अशोक नामदेव बमीठा-खजुराहो। कहते हैं, मां और बच्चे के प्रेम से बड़ा कोई रिश्ता इस संसार में नहीं होता और इसका सजीव उदाहरण बुधवार की सुबह बमीठा क्षेत्र में खजुराहो-झांसी फोरलेन पर देखने को मिला। जहां इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह के समय बंदरों का एक झुंड हाईवे पार कर रहा था, इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार की चपेट में एक मादा बंदर अपने बच्चे के साथ आ गई। हादसे में मादा बंदर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बच्चा मामूली रूप से घायल हो गया। घटना की खबर मिलते ही आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मां-बेटे को सड़क किनारे डिवाइडर पर रखा गया।
मां की मौत के बाद भी छोटा बंदर अपनी मां के निर्जीव शरीर से लिपटकर जोर-जोर से चीखता-चिल्लाता रहा, मानो उसे जगाने की कोशिश कर रहा हो। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे की यह तड़प देख कर सभी का हृदय पसीज गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने मृत मादा बंदर के शव को अंतिम संस्कार के लिए छतरपुर भेजा, जबकि घायल बच्चे को उपचार के लिए वन विभाग की देखरेख में अस्पताल ले जाया गया। यह घटना मां-बेटे के अटूट प्रेम का ऐसा उदाहरण बन गई, जिसने सभी को भावुक कर दिया।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !