● निर्देशों के बाद भी गौशालाओं में पशुओं को नहीं किया गया शिफ्ट, सीईओ और सीएमओ को भी स्मरण पत्र जारी

परिंदा पोस्ट छतरपुर। बड़ामलहरा नगर में बीते 5 अक्टूबर को हुई सड़क दुर्घटना में कई गौवंशों की मृत्यु के बाद नगर परिषद बड़ामलहरा के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) रामसजीवन पटेल की लापरवाही सामने आई है। मृत गौवंशों का न तो पोस्टमार्टम कराया गया और न ही उनका सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में एसडीएम बड़ामलहरा आयुष जैन ने सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि जवाब असंतोषजनक होने या समय पर प्रस्तुत न करने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी। एसडीएम द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मृत गौवंशों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने के निर्देश दूरभाष पर सीएमओ को दिए गए थे, लेकिन उन्होंने भ्रामक जानकारी दी कि गौवंशों को गड्ढों में दफनाया गया है, जबकि जांच में पाया गया कि उन्हें जंगल में फेंक दिया गया। इसके साथ ही नगर में लगातार सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने और दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बावजूद गौशालाओं में पशुओं को शिफ्ट करने के निर्देशों की अनदेखी की गई। नोटिस में कहा गया है कि सीएमओ द्वारा पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है।
सीईओ व सीएमओ बड़ामलहरा एवं घुवारा को भी जारी हुआ स्मरण पत्र
एसडीएम बड़ामलहरा आयुष जैन ने बताया कि पूर्व में पत्र के माध्यम से जनपद सीईओ, नगर परिषद बड़ामलहरा एवं घुवारा सीएमओ को सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु रोस्टर ड्यूटी लगाने और गौशालाओं में पशुओं को भेजने के निर्देश दिए गए थे। किन्तु आज दिनांक तक तीनों अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। इस पर एसडीएम ने पुनः स्मरण पत्र जारी करते हुए कहा है कि तत्काल आवश्यक कार्यवाही करें और कृत कार्यवाही की जानकारी उनके कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
गौशालाओं के निरीक्षण के लिए पटवारियों की ड्यूटी लगाई
एसडीएम बड़ामलहरा ने क्षेत्र की सभी संचालित गौशालाओं में व्यवस्था का निरीक्षण सुनिश्चित करने हेतु हल्का पटवारियों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से लगाई है। पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गौशालाओं में दर्ज एवं उपस्थित गौवंश की संख्या, चारा, भूसा, जल आदि की उपलब्धता की जांच कर 7 अक्टूबर 2025 तक निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !