छतरपुर से बमीठा तक हाईवे की सेवाएं ध्वस्त, जयदत्ता कंपनी की लापरवाही उजागर
अभिषेक नामदेव बमीठा/खजुराहो। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अंतर्गत बनाए गए एनएच-39 पर सुविधाएं चरमराई हुई हैं। झाँसी -खजुराहो हाईवे पर छतरपुर से पन्ना के बीच देवगांव से बमीठा तक बिजली, कैमरे और स्वास्थ्य सुविधाएं ठप पड़ी हैं। जबसे पीएनसी ने यह प्रोजेक्ट केकेआर को, फिर एचसी वन और अंत में जयदत्ता कंपनी को सौंपा, तबसे हाईवे का रखरखाव पूरी तरह उपेक्षित हो गया है। बीते 15 दिनों से कैमरे और स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।
यह व्यस्त फोरलेन रात-दिन वाहनों से गुलजार रहता है। हाल में अपराध भी बढ़े हैं क्योंकि न तो पेट्रोलिंग हो रही है, न ही सुरक्षा उपकरण काम कर रहे हैं। अंधेरा अपराधियों को खुली छूट दे रहा है। जयदत्ता कंपनी न पेड़ों की देखरेख कर रही है, न जनरेटर की; बस टोल टैक्स वसूली में लगी है।
अंधेरे की वजह से घरों में चोरी बढ़ी है। बीती रात घूरा हाईवे पर तीन भैंसों की अंधेरे में मौत हो गई। बमीठा खजुराहो का मुख्य द्वार है, लेकिन जब पर्यटक अंधेरे में प्रवेश करते हैं तो खजुराहो की पहली छवि ही धुंधली हो जाती है। इस लापरवाही से खजुराहो की साख पर असर पड़ रहा है। अधिकारी नियमित रूप से यहां से गुजरते हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
Author: Parinda Post
सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

