शासकीय कॉलेज को नकल माफिया कर रहे बदनाम, प्राचार्य के नाम पर हो रही अवैध वसूली विश्वविद्यालय की चुप्पी चिंताजनक

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@परिंदा पोस्ट छतरपुर । चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की दूरवर्ती शिक्षा के अंतर्गत इन दिनों छतरपुर जिले में बीए, एमए, एमएसडब्ल्यू सहित अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। ये परीक्षाएं विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए हैं जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा सकते। इनमें शासकीय कर्मचारी, ग्रामीण युवा और निजी क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, इन परीक्षाओं को लेकर चंदला स्थित शासकीय महाविद्यालय में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

परीक्षा केंद्रों पर नकल का खेल, ₹500-₹1000 तक की वसूली

सूत्रों के मुताबिक चंदला कॉलेज में विश्वविद्यालय के तीन परीक्षा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी जिम्मेदारी शिवपूजन अवस्थी, नरेंद्र पटेल और अरविंद गुप्ता को दी गई है। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षार्थियों से ₹500 से ₹1000 तक लेकर नकल की छूट दी है।

     प्राचार्य के नाम का दुरुपयोग कर रहे दलाल

चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षार्थियों से यह कहा जा रहा है कि यह सब कॉलेज प्राचार्य एन.के. वर्मा की सहमति से हो रहा है। छात्र-छात्राओं को यह विश्वास दिलाया जाता है कि नकल में कोई जोखिम नहीं है, जिससे वे पैसे देकर परीक्षा में गाइड, किताबें और सामूहिक उत्तर लेखन की छूट प्राप्त कर रहे हैं।

             प्राचार्य ने दी सख्त चेतावनी

मामला सामने आने के बाद शासकीय महाविद्यालय चंदला के प्राचार्य एनके वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “यदि कोई मेरे नाम का दुरुपयोग कर रहा है या कॉलेज की छवि धूमिल कर रहा है तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं इसकी शिकायत उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन से करूंगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करूंगा।

शासकीय महाविद्यालय की प्रतिष्ठा पर संकट

शासकीय महाविद्यालय, चंदला की वर्षों की मेहनत और प्रतिष्ठा पर इस प्रकार के नकल माफियाओं ने सीधा हमला बोला है। परीक्षा केंद्रों में हो रही गड़बड़ियों से न केवल शिक्षा की साख पर आंच आ रही है बल्कि पूरे सरकारी शिक्षा तंत्र को भी बदनाम करने की साजिश प्रतीत होती है।

विश्वविद्यालय और प्रशासन की चुप्पी आश्चर्यजनक

इस पूरे प्रकरण में अब तक चित्रकूट विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन और परीक्षा पर्यवेक्षकों की ओर से कोई ठोस जांच या कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। यह निष्क्रियता चिंताजनक है। यदि शीघ्र ही मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो चंदला का यह केंद्र भविष्य में ‘डिग्री बिक्री स्थल’ के रूप में जाना जाएगा।

 

 

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Author: Parinda Post

सरहदें इंसानों के लिए होती हैं, परिंदा तो आज़ाद होता है !

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